धर्म बड़ा या ज्ञान


धर्म बड़ा या ज्ञान


धर्म और ज्ञान दोनों ही जीवन के लिए अनिवार्य हैं, लेकिन धर्म (नैतिकता/कर्तव्य) को ज्ञान से बड़ा माना जाता है।

क्योंकि ज्ञान का सही दिशा में प्रयोग धर्म से ही आता है। ज्ञान आपको 'कैसे करें' बताता है, लेकिन धर्म 'क्या करना चाहिए' (सही/गलत) का मार्गदर्शन करता है, जिसके बिना ज्ञान भी विनाशकारी हो सकता है। 


🛕 धर्म और ज्ञान का संतुलन

👉 धर्म की प्रधानता:- ज्ञान के बिना धर्म अंधविश्वास हो सकता है, लेकिन धर्म के बिना ज्ञान (जो सही-गलत न समझाए) कर्म को अधर्म बना सकता है।

👉 ज्ञान का महत्व:- ज्ञान, विशेषकर आत्मज्ञान, इंसान को गलत कार्यों से बचाता है (जैसे नशा, भ्रष्टाचार) और मनुष्य को पशु (अज्ञान) से देवता (ज्ञानवान) की ओर ले जाता है।

👉 दोनों का तालमेल: धर्म, कर्म का मार्गदर्शन करता है और ज्ञान उस मार्ग को स्पष्ट करता है, इसलिए दोनों को एक-दूसरे के पूरक के रूप में देखना ही उत्तम है। 

🛕अर्थात:-धर्म-युक्त ज्ञान ही सर्वोच्च है।🛕

              जय श्री राधे-जय श्री कृष्णा
                आपका दिन मंगलमय हो


चार-युग और उनकी विशेषताएं



'युग' शब्द का अर्थ होता है एक निर्धारित संख्या के वर्षों की काल-अवधि। जैसे सत्ययुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग आदि। 


यहाँ हम चारों युगों का वर्णन करेंगें। युग वर्णन से तात्पर्य है कि उस युग में किस प्रकार से व्यक्ति का जीवन, आयु, ऊँचाई, एवं उनमें होने वाले अवतारों के बारे में विस्तार से परिचय देना। प्रत्येक युग के वर्ष प्रमाण और उनकी विस्तृत जानकारी कुछ इस तरह है -


सत्ययुग

 यह प्रथम युग है इस युग की विशेषताएं इस प्रकार है -

  • इस युग की पूर्ण आयु अर्थात् कालावधि – 17,28,000 वर्ष होती है।
  • इस युग में मनुष्य की आयु – 1,00,000 वर्ष होती है ।
  • मनुष्य की लम्बाई – 32 फिट (लगभग) [21 हाथ]
  • सत्ययुग का तीर्थ – पुष्कर है ।
  • इस युग में पाप की मात्र – 0 विश्वा अर्थात् (0%) होती है ।
  • इस युग में पुण्य की मात्रा – 20 विश्वा अर्थात् (100%) होती है ।
  • इस युग के अवतार – मत्स्य, कूर्म, वाराह, नृसिंह (सभी अमानवीय अवतार हुए) है ।
  • अवतार होने का कारण – शंखासुर का वध एंव वेदों का उद्धार, पृथ्वी का भार हरण, हरिण्याक्ष दैत्य का वध, हिरण्यकश्यपु का वध एवं प्रह्लाद को सुख देने के लिए।
  • इस युग की मुद्रा – रत्नमय है ।
  • इस युग के पात्र – स्वर्ण के है ।